कानपुर। प्रदेश सरकार मदरसा शिक्षा को गुणवत्तापूर्ण और रोजगारपरक बनाने के लिए बड़े बदलाव की तैयारी कर रही है। इसके तहत उत्तर प्रदेश मदरसा शिक्षा परिषद द्वारा संचालित मदरसों में शिक्षकों की योग्यता का निर्धारण किया जाएगा। साथ ही एनसीईआरटी का पाठ्यक्रम पढ़ाने के लिए उन्हें विशेष प्रशिक्षण भी दिया जाएगा।
सरकार का उद्देश्य मदरसा छात्रों को मुख्यधारा से जोड़ना और उनके भविष्य को बेहतर बनाना है। मदरसों में व्यवसायिक शिक्षा को शामिल करने की योजना पर भी काम हो रहा है। हाल ही में अल्पसंख्यक कल्याण विभाग के निदेशक की अध्यक्षता में मदरसा संगठनों के पदाधिकारियों के साथ बैठक कर सुधार संबंधी सुझाव लिए गए।
अल्पसंख्यक कल्याण विभाग के अलावा माध्यमिक शिक्षा, बेसिक शिक्षा, न्याय और वित्त विभाग के विशेष सचिवों को शामिल करते हुए छह सदस्यीय समिति का गठन किया गया है। यह समिति शिक्षकों की विषयवार योग्यता निर्धारित करने, प्रशिक्षण नियमावली बनाने और नए शिक्षकों की चयन नीति तय करने का कार्य करेगी।
मदरसा शिक्षकों को ब्रिज कोर्स के जरिए आधुनिक विषयों से जोड़ा जाएगा। प्रदेश सरकार पहले ही मदरसों का सर्वे करा चुकी है और इस सत्र से कक्षा 1 से 3 तक में एनसीईआरटी का पाठ्यक्रम लागू किया जा चुका है। जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी पवन कुमार सिंह ने कहा कि शासन से मिलने वाले सभी निर्देशों का पालन सुनिश्चित किया जाएगा।

▼यहाँ पर आप हमें टिप्पणी/कमेन्ट कर सकते हैं। ▼