भोपाल। लोक शिक्षण संचालनालय (DPI) द्वारा जारी एक नए आदेश ने प्रदेश के शिक्षक संगठनों और शिक्षा विभाग में हलचल मचा दी है। इस आदेश के तहत अब प्राइमरी और मिडिल स्कूलों में कार्यरत सभी शिक्षकों के लिए शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET) उत्तीर्ण करना अनिवार्य कर दिया गया है।
आदेश की मुख्य बातें:
2 वर्ष का समय: प्राइमरी और माध्यमिक विद्यालयों में पढ़ाने वाले शिक्षकों को दो साल के भीतर पात्रता परीक्षा पास करनी होगी।
अनिवार्य सेवानिवृत्ति (Compulsory Retirement): यदि कोई शिक्षक निर्धारित समय सीमा में परीक्षा पास नहीं कर पाता है और उसकी सेवा के 5 वर्ष से अधिक शेष हैं, तो उसे स्वयं सेवानिवृत्त होना होगा या विभाग द्वारा उसे अनिवार्य सेवानिवृत्ति दे दी जाएगी।
सवा लाख शिक्षक प्रभावित: इस फैसले से प्रदेश के लगभग 1.25 लाख शिक्षकों के करियर पर सीधा असर पड़ने की संभावना है।
सुप्रीम कोर्ट के आदेश का पालन
भोपाल के जिला शिक्षा अधिकारी एन.के. अहिरवार के अनुसार, विभाग ने यह निर्देश सुप्रीम कोर्ट के आदेश के अनुपालन में जारी किए हैं। सभी स्कूलों को इस संबंध में दिशा-निर्देश भेज दिए गए हैं।
शिक्षक संगठनों का विरोध
शासकीय शिक्षक संगठन के प्रांताध्यक्ष राकेश दुबे ने इस पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा है कि संगठन इस मामले में सुप्रीम कोर्ट में 'रिव्यू पिटीशन' (पुनर्विचार याचिका) दायर करने का निर्णय ले चुका है। उन्होंने कहा कि पहले शासन स्तर पर बात की जाएगी, और यदि समाधान नहीं निकला तो पुनः कोर्ट की शरण ली जाएगी।

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