लखनऊ/नई दिल्ली। वर्ष 2011 के बाद देश में होने वाली जनगणना–2027 इस बार कई मायनों में खास होगी। पहली बार जनगणना के दौरान लोगों के खानपान से जुड़ी जानकारी भी जुटाई जाएगी। सरकार का उद्देश्य इन आंकड़ों के आधार पर पोषण, सार्वजनिक वितरण प्रणाली और सामाजिक योजनाओं को अधिक प्रभावी बनाना है।
सूत्रों के अनुसार, जनगणना का पहला चरण 20 मई से 20 जून 2027 के बीच शुरू हो सकता है। इस चरण में घरों और परिवारों से जुड़ी बुनियादी जानकारियां ली जाएंगी। साथ ही यह भी पूछा जाएगा कि परिवार में प्रमुख रूप से कौन-सा अनाज और भोजन का प्रकार (शाकाहारी/मांसाहारी आदि) उपयोग में लाया जाता है।
दूसरे चरण में पूछी जाएगी जाति
जनगणना के दूसरे चरण में नागरिकों से जाति, उपजाति, धर्म और भाषा से संबंधित विवरण जुटाया जाएगा। इसमें प्रत्येक सदस्य की उम्र, शिक्षा, रोजगार, व्यवसाय और अन्य सामाजिक-आर्थिक जानकारियां भी दर्ज की जाएंगी। तीसरे चरण में पहले से भरी गई सूचनाओं का सत्यापन किया जाएगा और जन्म–मृत्यु जैसी घटनाओं को अपडेट किया जाएगा।
पांच लाख से ज्यादा कर्मचारी-शिक्षक होंगे तैनात
राज्य और देशभर में जनगणना कार्य के लिए पांच लाख से अधिक कर्मचारी और शिक्षक लगाए जाएंगे। गणना का काम डिजिटल माध्यम से किया जाएगा। मोबाइल ऐप के जरिए डेटा संग्रह होगा, जिससे बिना इंटरनेट के भी जानकारी भरी जा सकेगी और बाद में सुरक्षित रूप से अपलोड की जाएगी।

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