शिक्षकों के समायोजन की प्रक्रिया को लेकर बेसिक शिक्षा विभाग लगातार सवालों के घेरे में है। शिक्षक संगठनों का आरोप है कि समायोजन में नियमों की अनदेखी की जा रही है और आपत्तियों के बावजूद जिम्मेदार अधिकारी इस पर ध्यान नहीं दे रहे हैं। विभागीय स्तर पर सामने आ रही खामियों को छिपाने का प्रयास किया जा रहा है।
गौरतलब है कि दो जनवरी को प्रकाशित रिपोर्ट में भी समायोजन प्रक्रिया में जल्दबाजी और उससे जुड़ी गड़बड़ियों को उजागर किया गया था। इसके बाद तीसरे चरण के समायोजन में जनपद स्तर पर जारी सूची में कई विसंगतियां सामने आई हैं।
समायोजन सूची में क्रम संख्या पांच पर दर्ज शिक्षिका दिव्या अग्रवाल को प्राथमिक विद्यालय मुड़ेसी में कार्यरत दर्शाते हुए प्राथमिक विद्यालय श्रीमती शांतिदेवी में स्थानांतरित किया गया है। जबकि जांच में सामने आया है कि उक्त शिक्षिका कभी भी मुड़ेसी विद्यालय में तैनात नहीं रही हैं। वास्तविकता यह है कि वह प्राथमिक विद्यालय मौरा में कार्यरत हैं, जो मथुरा ब्लॉक के अंतर्गत ग्रामीण क्षेत्र में स्थित है।
नियमों के अनुसार ग्रामीण क्षेत्र में तैनात शिक्षक का स्थानांतरण नगर क्षेत्र के विद्यालय में नहीं किया जा सकता। इसके बावजूद यह समायोजन किया गया है। हैरानी की बात यह भी है कि 30 दिसंबर 2025 को जारी नगर विस्तारित सीमा वाले विद्यालयों की सूची में भी संबंधित शिक्षिका का नाम शामिल नहीं था।
इस पूरे मामले के सामने आने के बाद शिक्षक संगठनों ने निष्पक्ष जांच और दोषी अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग की है। अब देखना होगा कि विभाग इस गंभीर मामले पर क्या कदम उठाता है।

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