बाथरूम में नहाते समय गैस गीजर से दम घुटने की वजह से शिक्षिका की मौत हो गई। इससे परिजनों में शोक की लहर दाैड़ गई। बिना कानूनी कार्रवाई के ही शव का अंतिम संस्कार कर दिया गया है। सैदनगली थाना क्षेत्र के गांव राजपूत कॉलोनी में देहरा मिलक में स्व. नरेंद्र सिंह चौहान का गांव में ही देहरा पब्लिक स्कूल डीपीएस संचालित है।
उनकी बेटी शिवांशी चौहान (22) अपनी मां बबीता और चाची पिंकी के साथ हसनपुर की राजपूत काॅलोनी में स्थित मकान में रहते थे। डीपीएस स्कूल की शिवांशी चौहान संचालिका भी थी और वह शिक्षिका भी थीं। हसनपुर से रोजाना वह वैन से अन्य स्टाफ के साथ डीपीएस स्कूल जाया करतीं थीं।
रोजाना की तरह शुक्रवार सुबह करीब आठ बजे स्कूल जाने के लिए वह घर में बाथरूम में नहाने के लिए गई थीं। बताते हैं कि बाथरूम में गैस गीजर लगा हुआ है। काफी देर तक बाहर नहीं निकलीं तो परिजनों ने बाथरूम को खोलकर देखा तो वह अचेत अवस्था में पड़ी हुई थीं।
इसके बाद परिजन आनन- फानन में निजी अस्पताल लेकर गए। जहां उन्हें मृत घोषित कर दिया गया। वह तीन बहन और एक भाई में सबसे बड़ी थीं। पिता की एक वर्ष पहले मौत हो चुकी है।
पहले भी जा चुकी कई लोगों की जान
सर्दी के दिनों में गीजर के इस्तेमाल को लेकर बेहद सावधानी बरतने की जरूरत है। वरना जानलेवा साबित हो सकता है। पिछले वर्ष अमरोहा शहर में ही गीजर के इस्तेमाल के चलते कई लोगों की मौत हो चुकी है। शुक्रवार को गीजर की वजह से शिक्षिका शिवांशी चौहान की मौत हो गई।

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