लखनऊ। प्राइमरी स्कूलों की महिला शिक्षकों के समायोजन को लेकर नाराजगी बढ़ती जा रही है। कई शिक्षिकाओं को उनके निवास या वर्तमान तैनाती स्थल से 25 से 40 किलोमीटर दूर के स्कूलों में समायोजित कर दिया गया है। कानपुर रोड स्थित सरोजनीनगर क्षेत्र की एक शिक्षिका का समायोजन कुर्सी रोड के विद्यालय में कर दिया गया, जबकि 10 किलोमीटर के दायरे में ही कई एकल शिक्षक व शिक्षकविहीन विद्यालय मौजूद थे। समायोजन प्रक्रिया में शिक्षकों से कोई विकल्प भी नहीं लिया गया।
शिक्षकों का कहना है कि बीते वर्ष जुलाई में स्कूलों के मर्जर के बाद जिन शिक्षकों ने स्वेच्छा से दूसरे विद्यालयों में समायोजन कराया था, उन्हें अब दोबारा दूर-दराज के स्कूलों में भेज दिया गया है। कई ऐसे विद्यालयों में भी समायोजन कर दिया गया, जहां पहले से ही आवश्यकता से अधिक शिक्षक तैनात थे। इससे खासकर महिला शिक्षिकाओं में भारी आक्रोश है और आने-जाने की दिक्कतों को लेकर वे परेशान हैं। शिक्षक हाईकोर्ट जाने की तैयारी कर रहे हैं।
यू-डायस पोर्टल के आंकड़ों पर सवाल
शिक्षकों का आरोप है कि बीएसए कार्यालय ने यू-डायस पोर्टल पर उपलब्ध आंकड़ों के आधार पर ही समायोजन किया, जबकि पोर्टल पर दर्ज विवरणों में कई खामियां हैं। छात्र संख्या, तैनात शिक्षकों का ब्योरा और वरिष्ठता से संबंधित जानकारियों की फीडिंग सही नहीं है। शिक्षक नेताओं का कहना है कि समायोजन से पहले पोर्टल पर दर्ज आंकड़ों का सत्यापन कराया जाना चाहिए था।
मलिहाबाद के प्राइमरी स्कूल कसमंडी कला की एक शिक्षिका का समायोजन करीब 30 किलोमीटर दूर महबूब खेड़ा में कर दिया गया है। वहीं प्राइमरी स्कूल कटॉली, जमालनगर के एक शिक्षक को 25 किलोमीटर दूर के विद्यालय में भेजा गया है। शिक्षिकाओं का कहना है कि इतनी दूरी तय करना उनके लिए बेहद कठिन होगा।
बीएसए विपिन कुमार ने कहा कि यदि किसी शिक्षक का समायोजन अत्यधिक दूरी पर हुआ है तो वह बीएसए कार्यालय में शिकायत दर्ज करा सकता है। समिति मामले पर विचार कर निर्णय लेगी।
छह माह में दोबारा समायोजन
चिनहट की एक शिक्षिका ने जुलाई में स्कूल मर्जर के बाद प्राथमिक विद्यालय नंदपुर में कार्यभार ग्रहण किया था, लेकिन छह माह बाद ही उन्हें और अधिक दूरी वाले विद्यालय में समायोजित कर दिया गया। इसी तरह गोसाईगंज के पूर्व माध्यमिक विद्यालय हुसैनाबाद में 120 छात्र होने के बावजूद एक शिक्षक को अतिरिक्त दिखाकर दूसरे स्कूल में भेज दिया गया। ऐसे कई मामले अन्य ब्लॉकों में भी सामने आए हैं, जहां शिक्षकों को छह माह के भीतर दोबारा समायोजन का सामना करना पड़ा है।
कानपुर रोड स्थित एक प्राइमरी स्कूल की शिक्षिका का समायोजन 40 किलोमीटर दूर कुर्सी रोड पर कर दिया गया है। वहीं सरोजनीनगर की एक अन्य शिक्षिका को 25 किलोमीटर दूर अमीनाबाद में तैनात किया गया है। इन फैसलों से शिक्षकों में असंतोष लगातार बढ़ रहा है।

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