लखनऊ। बेसिक शिक्षा राज्य मंत्री संदीप सिंह ने सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव पर पलटवार करते हुए कहा कि 2017 से पहले प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था तुष्टिकरण, भाई-भतीजावाद, नकल माफिया और लापरवाही की शिकार थी। भाजपा सरकार ने पारदर्शिता, निवेश और नई सोच के साथ इस व्यवस्था में बदलाव लाया है।
शुक्रवार को जारी वीडियो बयान में संदीप सिंह ने कहा कि सपा सरकार के कार्यकाल में 3.45 करोड़ बच्चे स्कूल से दूर थे। भाजपा सरकार के आने के बाद ही शिक्षा व्यवस्था में नई जान आई है। 2012 से 2017 के बीच अखिलेश सरकार एक भी ऐसा मॉडल स्कूल नहीं बना सकी, जिसे राज्य गर्व से दिखा सके। उन्होंने आरोप लगाया कि सपा ने शिक्षा के साथ-साथ संस्कृति का भी अपमान किया, जबकि भाजपा ने 2017 के बाद 11,500 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से ऑपरेशन कायाकल्प के तहत परिषदीय विद्यालयों में सभी बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराईं।
मंत्री ने कहा कि सपा शासनकाल में जहां बच्चों की संख्या लगातार घट रही थी, वहीं भाजपा सरकार ने इस प्रवृत्ति को रोकने में सफलता पाई है। इस साल के स्कूल चलो अभियान में 27 लाख से अधिक बच्चों का नामांकन परिषदीय विद्यालयों में हुआ है। हर जिले में दो मुख्यमंत्री मॉडल कम्पोजिट विद्यालय बनाए जा रहे हैं और सभी 18 मंडलों में अटल आवासीय विद्यालय शुरू हो चुके हैं, जिनमें 18 हजार से अधिक श्रमिक और अनाथ बच्चों को मुफ्त आवासीय शिक्षा, भोजन, खेलकूद और कौशल विकास की सुविधा दी जा रही है।
संदीप सिंह के अनुसार, प्रदेश सरकार के प्रयासों से शिक्षा के स्तर में उल्लेखनीय सुधार हुआ है, जिसका प्रमाण 2024 की रिपोर्ट और परख राष्ट्रीय सर्वे 2024 में साफ दिखाई देता है। गौरतलब है कि अखिलेश यादव ने शुक्रवार सुबह एक्स पर कहा था कि “कमी कोष की नहीं, सोच की है” और शिक्षक-छात्र अनुपात, स्कूल बंद करने और पीडीए पाठशाला जैसे मुद्दे उठाए थे।

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