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मानसिक दबाव और आर्थिक तंगी ने कई शिक्षामित्रों को आत्मघाती स्थिति में पहुंचा दिया है।

 उत्तर प्रदेश प्राथमिक शिक्षक संघ के प्रतिनिधिमंडल ने शुक्रवार को शिक्षामित्रों की विभिन्न समस्याओं को लेकर मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन एएसडीएम को सौंपा। यह ज्ञापन कलक्ट्रेट धरनास्थल पर सौंपा गया, जिसमें शिक्षामित्रों की आर्थिक व मानसिक स्थिति पर चिंता जताई गई।



ज्ञापन में बताया गया कि प्रदेश के प्राथमिक विद्यालयों में शिक्षामित्र पिछले 23 वर्षों से लगातार सेवाएं दे रहे हैं, लेकिन वर्तमान में उन्हें मात्र ₹10,000 का मासिक मानदेय मिल रहा है, जो बढ़ती महंगाई के दौर में अपर्याप्त है। इससे शिक्षामित्र आर्थिक तंगी और मानसिक तनाव का शिकार हो रहे हैं, यहाँ तक कि कई शिक्षामित्र आत्मघाती कदम तक उठा चुके हैं।

ज्ञापन में यह भी उल्लेख किया गया कि प्रमुख सचिव, बेसिक शिक्षा द्वारा 14 नवम्बर 2023 को एक समिति का गठन किया गया था, जिसने कई बैठकें कर अपनी रिपोर्ट शासन को सौंप दी है।

संघ की ओर से प्रमुख मांगें रखी गईं, जिनमें शिक्षामित्रों के मानदेय में वृद्धि, मूल विद्यालय से वंचित शिक्षामित्रों की पुन: नियुक्ति, महिला शिक्षामित्रों को विवाह उपरांत ससुराल क्षेत्र के विद्यालय में स्थानांतरण, और ईपीएफ योजना में शामिल किए जाने जैसी महत्वपूर्ण मांगें शामिल हैं।

ज्ञापन सौंपने वालों में संघ के जिलाध्यक्ष मनोज यादव, कोषाध्यक्ष सुनील चौहान, महामंत्री हरिओम प्रजापति, किशन शाक्य, ईश्वर देव, अनिल यादव, विजय तिवारी, प्रशांत तिवारी, जितेन्द्र यादव, धर्मेन्द्र यादव, एसके राजपूत एवं रामवीर सिंह शामिल रहे।


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