लखनऊ। आधार कार्ड में बार-बार जन्मतिथि बदलवाकर गड़बड़ी करने वालों पर अब सख्ती की जाएगी। जन्मतिथि संशोधन को लेकर नियमों में बदलाव किया गया है, जिससे फर्जीवाड़े पर रोक लगाई जा सके।
नए नियम के अनुसार आधार में जन्मतिथि बदलवाने के लिए अब उसी विशेष जन्म पंजीकरण संख्या वाला जन्म प्रमाणपत्र देना अनिवार्य होगा, जिसका पहले इस्तेमाल किया गया हो। यदि कोई आवेदक नई पंजीकरण संख्या के साथ नया जन्म प्रमाणपत्र प्रस्तुत करता है तो उसे स्वीकार नहीं किया जाएगा। ऐसी स्थिति में आधार में जन्मतिथि का संशोधन नहीं किया जाएगा।
अधिकारियों के अनुसार कई मामलों में देखा गया है कि लोग उम्र कम दिखाने या अन्य लाभ लेने के लिए अलग-अलग जन्म प्रमाणपत्र बनवाकर आधार में बदलाव कराते रहे हैं। पहले पुराने प्रमाणपत्र को निरस्त कराकर नया प्रमाणपत्र बनवाया जाता था और उसके आधार पर जन्मतिथि बदलवा ली जाती थी। अब इस तरह की प्रक्रिया पर रोक लगा दी गई है।
यूआईडीएआई के उप महानिदेशक (लखनऊ) प्रशांत कुमार सिंह के मुताबिक, जन्मतिथि में बदलाव के लिए पहले जारी किए गए जन्म प्रमाणपत्र में ही आवश्यक संशोधन कराना होगा। अलग पंजीकरण संख्या वाले नए प्रमाणपत्र को मान्यता नहीं दी जाएगी।
नए नियम लागू होने के बाद आधार में जन्मतिथि बदलवाने की प्रक्रिया और अधिक पारदर्शी व सख्त हो गई है। अधिकारियों का कहना है कि इससे दस्तावेजों में एकरूपता बनी रहेगी और फर्जीवाड़े की संभावना कम होगी।

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