लखनऊ। प्रदेश के परिषदीय विद्यालयों में वार्षिकोत्सव को रचनात्मक गतिविधियों से भी जोड़ा जाएगा। इसके लिए बेसिक शिक्षा विभाग की ओर से वार्षिकोत्सव पर शिक्षकों, बच्चों व अभिभावकों को शामिल कराते हुए आउट ऑफ स्कूल बच्चों या निरंतर अनुपस्थित रहने के दुष्प्रभाव के बारे में बताया जाएगा। इसके लिए नाटक आदि का मंचन किया जाएगा।
विभाग की ओर से 31 जनवरी तक विद्यालयों में वार्षिकोत्सव के आयोजन के निर्देश दिए गए हैं। इसमें बच्चों में शिक्षा के महत्व, बच्चों की उपस्थिति, घर में पढ़ाई जारी रखने आदि पर भाषण प्रतियोगिताएं होंगी। वहीं उनमें रचनात्मक कौशल के लिए लेखन, ड्राइंग, पेंटिंग, रंगोली व पोस्टर प्रतियोगिताएं भी होंगी। लर्निंग बाय डूइंग के तहत निर्मित वस्तुओं के स्टॉल का प्रदर्शन किया जाएगा।
सर्वाधिक उपस्थिति वाले पहले, दूसरे व तीसरे स्थान के बच्चों को सम्मानित किया जाएगा। सांस्कृतिक कार्यक्रमों में अच्छा प्रदर्शन करने वाले बच्चों को भी पुरस्कृत किया जाएगा। विद्यालय में सेल्फी प्वाइंट भी बनाया जाएगा। इसके उद्घाटन पर पौधरोपण किया जाएगा। वार्षिकोत्सव के आयोजन को लेकर व्यापक स्तर पर प्रचार किया जाएगा। सभी अभिभावकों के साथ ही एसएमसी सदस्यों, पूर्व पंचायत सदस्यों, प्रधान आदि जनप्रतिनिधियों को भी बुलाया जाएगा।
खेल उत्सव का आयोजन भी होगा
महानिदेशक ने बताया है कि जनवरी में ही विद्यालयों में वार्षिकोत्सव के अलावा खेल उत्सव का भी आयोजन कराया जाएगा। इसमें कक्षा तीन से पांच के बच्चों के लिए 50 व 100 मीटर की दौड़, कक्षा पांच से आठ के बच्चों के लिए 100 व 200 मीटर की दौड़, सभी बच्चों के लिए रिले रेस का आयोजन किया जाएगा। इन प्रतियोगिताओं के विजेताओं को पुरस्कृत भी किया जाएगा। इसके लिए अलग से बजट स्वीकृत किया गया है।
इसके लिए 15 करोड़ का बजट जारी करते हुए सभी बीएसए को इसके व्यवस्थित तरीके से आयोजन के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा है कि वार्षिकोत्सव का आयोजन सुबह 10 से दोपहर दो के बीच किया जाएगा। इसके आयोजन से पहले बीईओ के साथ और बीईओ प्रधानाध्यापक के साथ इसके लिए बैठकें कर आवश्यक तैयारी करेंगे।

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