वर्ष 2021 की जूनियर एडेड शिक्षक भर्ती में प्रधानाध्यापक पद हेतु कटऑफ सूची में चयनित अभ्यर्थियों ने अपने अनुभव को मान्यता न दिए जाने पर नाराजगी जताई है। चयनित अभ्यर्थी वर्तमान में वित्तविहीन विद्यालयों में सहायक अध्यापक के रूप में कार्यरत हैं, लेकिन उनके कार्यानुभव को अमान्य किए जाने से वे असंतुष्ट हैं।
सोमवार को अभ्यर्थियों ने गोरखपुर में एक जनप्रतिनिधि के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन सौंपते हुए इस समस्या के शीघ्र समाधान की मांग की।
अभ्यर्थियों का कहना है कि वे परीक्षा में सफल घोषित हुए हैं और वित्तविहीन विद्यालयों से जुड़े होने के बावजूद उनका नाम विद्यालय की उपस्थिति पंजिका में दर्ज है।
साथ ही उनका वेतन डीबीटी प्रणाली के माध्यम से भुगतान किया गया है तथा उनका पांच वर्ष से अधिक का शिक्षण अनुभव भी प्रमाणित है। ऐसे में उनके अनुभव को मान्य किया जाना पूरी तरह उचित है।
अभ्यर्थियों ने सरकार से मांग की है कि अनुभव संबंधी नियमों में स्पष्टता लाते हुए उनके साथ न्याय किया जाए, ताकि प्रधानाध्यापक पद पर नियुक्ति की प्रक्रिया निष्पक्ष रूप से पूरी हो सके।

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