लखनऊ। प्रदेश पुलिस में प्रस्तावित 32,679 सिपाही व समकक्ष पदों पर सीधी भर्ती में सामान्य वर्ग के अभ्यर्थियों को आयुसीमा में छूट मिलने की संभावना कम दिखाई दे रही है। मौजूदा नियमावली के अनुसार सामान्य वर्ग के लिए आयुसीमा 18 से 22 वर्ष निर्धारित है और इसमें बदलाव के संकेत फिलहाल नहीं हैं।
अधिकारियों के अनुसार वर्ष 2023 में नागरिक पुलिस के 60,244 पदों पर हुई भर्ती में तीन वर्ष की आयुसीमा छूट पहले ही दी जा चुकी है। ऐसे में इस बार पुनः छूट दिए जाने की उम्मीद कम मानी जा रही है। हालांकि सामान्य वर्ग के कुछ अभ्यर्थियों द्वारा आयुसीमा में राहत देने की मांग को लेकर शासन और जनप्रतिनिधियों को पत्र भेजे गए हैं, जिसके बाद यह मुद्दा चर्चा में है।
दूसरी ओर, अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी), अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति के अभ्यर्थियों को सरकारी नियमों के तहत आयुसीमा में पांच वर्ष तक की छूट मिलती रही है, जो अधिकतम 48 वर्ष तक प्रभावी रहती है। यह व्यवस्था पूर्व में जारी शासनादेशों के अनुरूप लागू है।
पुलिस भर्ती बोर्ड के सूत्रों का कहना है कि आयुसीमा में किसी भी प्रकार की छूट देने का निर्णय बोर्ड स्तर पर नहीं लिया जा सकता। भर्ती से जुड़े प्रस्ताव पुलिस मुख्यालय के माध्यम से शासन को भेजे जाते हैं और अंतिम फैसला राज्य सरकार द्वारा ही किया जाता है।
वर्ष 2015 में जारी अधिसूचना के तहत सिपाही भर्ती के नियम तय किए गए थे, जिनके अनुसार पुरुष अभ्यर्थियों की आयुसीमा 18 से 22 वर्ष और महिलाओं के लिए 18 से 25 वर्ष निर्धारित है। फिलहाल इन्हीं नियमों के तहत भर्ती प्रक्रिया आगे बढ़ने की संभावना जताई जा रही है।

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