महराजगंज। उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ, जनपद महराजगंज ने सत्र 2025-26 के तीसरे चरण में किए गए शिक्षक समायोजन को लेकर गंभीर अनियमितताओं का आरोप लगाया है। इस संबंध में संघ ने जिलाधिकारी महराजगंज को पत्र भेजकर समायोजन प्रक्रिया की जांच कराए जाने की मांग की है।
संघ द्वारा भेजे गए पत्र में कहा गया है कि सहायक शिक्षकों के समायोजन में एकरूपता नहीं बरती गई। कहीं वरिष्ठ शिक्षकों को तो कहीं कनिष्ठ शिक्षकों को समायोजित कर दिया गया, जबकि जिला स्तर पर गठित समिति द्वारा कोई स्पष्ट मानक तय नहीं किया गया।
पत्र में यह भी आरोप लगाया गया है कि समायोजन प्रक्रिया में आरटीई एक्ट का पालन नहीं किया गया।
प्राथमिक विद्यालयों में छात्र-शिक्षक अनुपात 1:30 के मानक को नजरअंदाज करते हुए शिक्षामित्रों की गणना किए बिना शिक्षकों का समायोजन कर दिया गया।
संघ ने महिला शिक्षिकाओं के समायोजन को लेकर भी आपत्ति जताई है। बिना विकल्प दिए ही महिला शिक्षिकाओं को सुदूर क्षेत्रों के विद्यालयों में समायोजित किया गया, जो उनकी सुरक्षा और शासनादेशों के विपरीत बताया गया है।
इसके अलावा विभागीय नियमों के अनुसार शिक्षकों को विकल्प देने का प्रावधान होने के बावजूद कई मामलों में बिना विकल्प के ही समायोजन कर दिया गया। वहीं, दूसरे चरण में मर्ज किए गए विद्यालयों से शिक्षकों को स्थानांतरित कर दिया गया, जबकि उन विद्यालयों में बाल वाटिका का संचालन जारी है।
प्राथमिक शिक्षक संघ ने मांग की है कि पूरे समायोजन प्रकरण की निष्पक्ष जांच कराकर नियमों के अनुरूप सुधार किया जाए, ताकि शिक्षकों के साथ किसी प्रकार का अन्याय न हो।

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