नई दिल्ली। अग्निपथ योजना के तहत भर्ती किए गए अग्निवीरों को लेकर बड़ा अपडेट सामने आया है। केंद्र सरकार और सेना की ओर से यह स्पष्ट किया गया है कि अग्निवीरों को सेवा अवधि के दौरान स्थायी सैनिक का दर्जा नहीं दिया जाएगा। साथ ही, सेवाकाल में विवाह करने वाले अग्निवीरों को स्थायी नियुक्ति के लिए अयोग्य माना जाएगा।
जानकारी के अनुसार, अग्निवीर योजना 2022 में शुरू की गई थी, जिसमें सैनिकों की सेवा अवधि चार वर्ष निर्धारित की गई है। इस अवधि के पूरा होने के बाद अग्निवीरों को सेवा से मुक्त कर दिया जाएगा। इसके बाद प्रदर्शन और परीक्षा के आधार पर केवल 25 प्रतिशत अग्निवीरों को ही स्थायी सैनिक के रूप में सेना में शामिल किया जाएगा, जबकि शेष 75 प्रतिशत को बाहर होना पड़ेगा।
सेना ने साफ किया है कि सेवाकाल के दौरान अग्निवीरों को विवाह की अनुमति नहीं होगी। यदि कोई अग्निवीर इस अवधि में शादी करता है तो वह स्थायी सैनिक बनने के लिए आवेदन नहीं कर सकेगा। बताया गया है कि इस साल पहले बैच का सेवाकाल समाप्त होगा, जिससे हजारों अग्निवीर सेवा से बाहर हो जाएंगे।
सूत्रों के मुताबिक, अग्निवीरों के स्थायीकरण से जुड़े नियमों की घोषणा जल्द की जा सकती है। योजना में कुछ बदलावों पर भी विचार चल रहा है और संभावना है कि आने वाले एक-दो महीनों में स्थिति पूरी तरह स्पष्ट हो जाएगी।

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