मंगलवार को राजधानी में आयोजित उत्तर प्रदेश प्राथमिक शिक्षामित्र संघ के प्रांतीय सम्मेलन एवं सम्मान समारोह को संबोधित करते हुए राज्यमंत्री ने कहा कि सरकार शिक्षामित्रों की समस्याओं और मांगों को लेकर गंभीर है।
उन्होंने शिक्षामित्रों को भरोसा दिलाया कि सरकार उनकी सभी जायज मांगों को पूरा करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। साथ ही उन्होंने शिक्षामित्रों से नकारात्मक सोच छोड़कर एकजुट रहने और सरकार के साथ सहयोग करते हुए आगे बढ़ने की अपील की। राज्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि शिक्षामित्रों के अस्तित्व पर कोई खतरा नहीं है, बल्कि वे बेसिक शिक्षा व्यवस्था का अहम हिस्सा हैं।
हर समस्या का निकलेगा समाधान, साथ चलने की जरूरत
कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे एमएलसी श्रीचंद्र शर्मा ने कहा कि शिक्षामित्रों से जुड़ी मांगों को मुख्यमंत्री ने स्वीकार कर लिया है और उचित समय पर इसकी औपचारिक घोषणा भी की जाएगी। उन्होंने जानकारी दी कि मुख्यमंत्री ने कैशलेस चिकित्सा सुविधा के दायरे में एडेड एवं वित्तविहीन विद्यालयों के शिक्षकों को शामिल करने का निर्णय लिया है, हालांकि प्रक्रिया में थोड़ा समय लग रहा है।
इस अवसर पर एमएलसी श्रीचंद्र शर्मा, विधायक वीरेंद्र सिंह लोधी, देवेंद्र सिंह लोधी, देवेंद्र सिंह राजपूत, उमेश द्विवेदी, हरिओम वर्मा, अवनीश सिंह, मानवेन्द्र सिंह सहित प्राथमिक शिक्षामित्र संघ के प्रदेश अध्यक्ष शिव कुमार शुक्ला, महामंत्री सुषील कुमार समेत कई पदाधिकारी मौजूद रहे।
छवि सुधारने पर दिया गया जोर
शिक्षक विधायक उमेश द्विवेदी ने कहा कि शिक्षामित्रों को अपनी सरकार विरोधी छवि में बदलाव लाने की जरूरत है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि सरकार हर स्तर पर शिक्षामित्रों के साथ खड़ी है। वहीं एमएलसी मानवेन्द्र सिंह ने कहा कि सरकार किसी भी परिस्थिति में शिक्षामित्रों का अहित नहीं होने देगी।
उन्होंने शिक्षामित्रों से पूरी निष्ठा और ईमानदारी से अपने कर्तव्यों के निर्वहन की अपील करते हुए कहा कि उनके अधिकारों की लड़ाई जनप्रतिनिधि मजबूती से लड़ते रहेंगे।
कार्यक्रम में संगठन मंत्री कौशल कुमार सिंह, विक्रम सिंह सहित बड़ी संख्या में शिक्षामित्र और संगठन के पदाधिकारी उपस्थित रहे।

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