बा विद्यालयों में नहीं हैं पर्याप्त शिक्षक, छात्राओं की पढ़ाई पर संकट
फर्रुखाबाद। जिले के कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालयों में छात्राओं की पढ़ाई शिक्षक संकट के कारण प्रभावित हो रही है। बेसिक शिक्षा विभाग द्वारा विद्यालयों की भवन और स्मार्ट कक्षाओं की व्यवस्था तो की गई है, लेकिन शिक्षकों की भारी कमी के चलते छात्राएं गुणवत्तापूर्ण शिक्षा से वंचित हैं।
ब्लॉक कमालगंज, शमसाबाद, राजेपुर, मोहम्मदाबाद और कायमगंज में संचालित बा विद्यालयों में शिक्षकों की स्थिति चिंताजनक है। कमालगंज ब्लॉक का विद्यालय उच्चीकृत भी हो चुका है, जिसमें मार्च से अब तक 25 से अधिक छात्राओं ने प्रवेश लिया है। लेकिन स्थिति यह है कि वहाँ एक भी विषय शिक्षक की तैनाती नहीं हो सकी है।
रिक्त पदों की स्थिति इस प्रकार है:
| पदनाम | विषय | रिक्तियां |
|---|---|---|
| पूर्णकालिक शिक्षक | अंग्रेजी | 01 |
| पूर्णकालिक शिक्षक | हिंदी | 01 |
| पूर्णकालिक शिक्षक | विज्ञान | 02 |
| पूर्णकालिक शिक्षक | गणित | 02 |
| पूर्णकालिक शिक्षक | सामाजिक विषय | 02 |
| अंशकालिक शिक्षक | स्काउट गाइड एवं शारीरिक शिक्षा | 01 |
इन विद्यालयों में प्रधानाचार्य पद, कंप्यूटर, भौतिक विज्ञान, रसायन विज्ञान और जीवविज्ञान जैसे महत्वपूर्ण विषयों के शिक्षक भी नहीं हैं। वर्ष 2023 से कोई भर्ती नहीं हुई है। मार्च 2025 में शासन के आदेश पर भर्ती प्रक्रिया शुरू तो की गई, लेकिन छह महीने बीत जाने के बावजूद नियुक्तियां नहीं हो सकी हैं।
प्रभारी बीएसए अनुपम अवस्थी ने कहा, "मेरे कार्यभार संभालने से पहले ही भर्ती प्रक्रिया शुरू की गई थी। किस कारण से देरी हो रही है, यह दिखवाया जाएगा। जल्द ही शिक्षकों की भर्ती कराई जाएगी।"
छात्राओं के भविष्य से जुड़ा यह मुद्दा गंभीर होता जा रहा है। बुनियादी सुविधाएं और स्मार्ट क्लास की व्यवस्था के बावजूद, शिक्षक न होने से शिक्षा व्यवस्था अधूरी है। जब तक रिक्त पदों पर नियुक्ति नहीं होती, तब तक छात्राओं की शिक्षा गुणवत्ता प्रभावित होती रहेगी।

▼यहाँ पर आप हमें टिप्पणी/कमेन्ट कर सकते हैं। ▼